STORYMIRROR

Bhoop Singh Bharti

Tragedy

3  

Bhoop Singh Bharti

Tragedy

कोरोना और मजदूर

कोरोना और मजदूर

1 min
315

कोरोना के कारणे, जावण लागे गाँव।

पैदल ही चालण लगे, भूखे नंगे  पाँव।

भूखे  नंगे पाँव, छाँव सा मिलै सहारा।

बेबस अर मजबूर, हुया मजदूर हमारा।

कहै भारती देख, दृश्य यो बड़ा घिनोना।

खूब सतावै भूख, अर वायरस कोरोना।


       


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy