STORYMIRROR

Divyanshi Triguna

Abstract Romance

4  

Divyanshi Triguna

Abstract Romance

कोरा कागज़

कोरा कागज़

1 min
462

कोरा कागज सा ये दिल मेरा, जिस पर मैं नाम लिखूँ

तेरा पंछी बनकर उड़ आऊँ मैं, जहां हो तेरा रेन बसेरा 

फूलों की तरह खिलके, यूँ तेरे आँगन में मिलके 

कह दूँ सारी बातें तुझसे, जिनका हैं मेरे मन में डेरा 


कोरा कागज सा ये दिल मेरा, जिस पर मैं नाम लिखूँ

तेरा मेरी सारी खुशियाँ तेरी हो सब, तेरा सारा दुख मेरा 

ये साथ बना रहे यूँ ही और ये प्रेम तेरा, मेरा 

कोरा कागज सा ये दिल मेरा, जिस पर मैं नाम लिखूँ

तेरा जीवन के हर कागज पर, नाम लिख दूँ तेरा 


मेरा ये जीवन सारा बस हैं, बस ये तेरा 

तुमसे मिलने को आऊ मैं, कहीं तो हो ऐसा सवेरा 

कोरा कागज सा ये दिल मेरा, जिस पर मैं नाम लिखूँ

तेरा जब जीवन अँधेरा छाए, तू ही तू नजर मुझे आए 

तेरे आने से मुझमें, रोशनी, किरण छाए


इस दिल के कागज पर, लिखा हो नाम बस तेरा 

पंछी बनकर उङ आऊ मैं, जहाँ हो तेरा रेन बसेरा 

कोरा कागज सा ये दिल मेरा, जिस पर मैं नाम लिखूँ तेरा 

तू ही मेरे जीवन की माया, तू ही मेरी रूह का साया 

तेरे साथ बिताए वो पल, हर पल वो प्यार छाया


तुझसे इतनी बात करूँ मैं, तू ही मेरे मन को हैं भाया 

कोरा कागज सा ये दिल मेरा, जिस पर मैं नाम लिखूँ

तेरा पंछी बनकर उड़ आऊंगी मैं, जहाँ हो तेरा रेन बसेरा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract