Vijay Kumar parashar "साखी"
Romance
भूल हो गई हो तो मुझे तुम
माफ़ कर देना
आईने पर लगी हुई धूल,
तुम साफ कर देना
में तो एक पत्थर हूं,
गर ठोकर लग गई हो,
मुझे तुम क्षमा कर देना
मैं बड़ा ही बदसूरत हूं
न बन सका मैं
किसी मंदिर की मूरत हूं,
अपने पवित्र प्रेम से इस पर
निशां तुम कर देना।
दिलों जल रही ...
"गोवंश पर अत्...
"चमत्कार"
"दौर मुफ़लिसी ...
"दुआ-बद्दुआ,
"आंटा-सांटा"
"सिंदूर"
"बरसात"
"शांत और स्थि...
एक दूजे का साथ है तो कमी कुछ नहीं है, आपका साथ है तो नयनों में नमी नहीं है। एक दूजे का साथ है तो कमी कुछ नहीं है, आपका साथ है तो नयनों में नमी नहीं है।
आ जाते तुम यहीं पर जहां मिले थे हम जीवन भर साथ साथ चलने के वायदे को ले. आ जाते तुम यहीं पर जहां मिले थे हम जीवन भर साथ साथ चलने के वायदे को ले.
दिल के कोरे काग़ज़ पर लिखने चले जो कहानी। दिल के कोरे काग़ज़ पर लिखने चले जो कहानी।
पल-पल बरसता प्यार तुम्हीं, हो जीवन का आधार तुम्हीं। पल-पल बरसता प्यार तुम्हीं, हो जीवन का आधार तुम्हीं।
मेरी आभूषण तुम हो प्रिय नाम तुम्हारा कंचन है. मेरी आभूषण तुम हो प्रिय नाम तुम्हारा कंचन है.
सुनहरी चादर एक बिछ जाती है हमसफर याद तेरी तो आती है.. सुनहरी चादर एक बिछ जाती है हमसफर याद तेरी तो आती है..
माना नहीं कभी रहे अपने... कभी अपना भी बनाया कर.. माना नहीं कभी रहे अपने... कभी अपना भी बनाया कर..
खलती है सफर में कमी जब तुम्हारी मेरी परछाईं में अहसास तुम्हारा होता है। खलती है सफर में कमी जब तुम्हारी मेरी परछाईं में अहसास तुम्हारा होता है।
यूं ही गुजर रहा था तन्हा तन्हा ही जिंदगी के सफर में, तुम मिले तो राहें खुशनुमा सी। यूं ही गुजर रहा था तन्हा तन्हा ही जिंदगी के सफर में, तुम मिले तो राहें खु...
तुम हमारी अच्छी दोस्त होती तो कितना अच्छा होता.. तुम हमारी अच्छी दोस्त होती तो कितना अच्छा होता..
केश तुम्हारे मेघों में भी, नवल छटा भर जाएंगे। केश तुम्हारे मेघों में भी, नवल छटा भर जाएंगे।
मन का सुकून और चैन लाए हो मेरी जिंदगी में।। मन का सुकून और चैन लाए हो मेरी जिंदगी में।।
मैं बन जाऊँ कान्हा, तू बन जा राधिका मैं बन जाऊँ तपस्वी, तू बन जा साधिका। मैं बन जाऊँ कान्हा, तू बन जा राधिका मैं बन जाऊँ तपस्वी, तू बन जा साधिका।
उसे तुम बरगद की छाँव समझ लेना मैं सुर हूँ अगर उसे तुम ताल समझ लेना उसे तुम बरगद की छाँव समझ लेना मैं सुर हूँ अगर उसे तुम ताल समझ लेना
मेरे पूरे अस्तित्व को घेरे रहता है अस्फुट रुदन का वह निर्मम पल. मेरे पूरे अस्तित्व को घेरे रहता है अस्फुट रुदन का वह निर्मम पल.
इश्क किया है मैंने तुमसे तुम ही जिंदगी की डोर हो. इश्क किया है मैंने तुमसे तुम ही जिंदगी की डोर हो.
तुम्हारे पदचाप, ठीक मेरे हृदय की धड़कन जैसे तुम्हारे पदचाप, ठीक मेरे हृदय की धड़कन जैसे
उस बेवफा का हर पल , मुझे इन्तजार क्यों हैं। उस बेवफा का हर पल , मुझे इन्तजार क्यों हैं।
अब घड़ी आ गई भीगी हुई यादों को हकीकत बनाने की। अब घड़ी आ गई भीगी हुई यादों को हकीकत बनाने की।
ख़ुद को हमने भुलाया है बड़ी कोशिशों के बाद। ख़ुद को हमने भुलाया है बड़ी कोशिशों के बाद।