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Sujata Khichi

Inspirational

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Sujata Khichi

Inspirational

कल्पना चावला पर कविता

कल्पना चावला पर कविता

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कल्पना में नहीं वो तो हकीकत थी 

जमीं पर नहीं वो तो आकाश में घूमती थी 

अपनी अथक परिश्रम और 

अपने मजबूत इरादों से

जमीं-आसमां को वो एक कर गयी 

एक नक्षत्र बनकर अब 

रहने लगी वो हमसे बहुत दूर 

आज भी अपनी जन्मभूमि को निहारती है 

वो सातों आसमान के पार से

 ‘भारत’ में तो जो जन्मी 

लेकिन बड़ी ऊंची उड़ान भरकर 

विदेश में वो पहुंच गयी थी 

नहीं थी वो कोई आम लड़की 

अपने देश कि बेटी कल्पना चावला थी वो

अंतरिक्ष की अपनी यात्रा पर,

उसके चेहरे पर एक चमक थी,

अनुग्रह से भरकर,

वह अंतरिक्ष के लिए निकल पड़ी।

आज भी दूर से वो देश कि हर बेटी को

खुद पर गर्व करने का

संदेश दे रही वो



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