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Kanak Agarwal

Fantasy Inspirational Others

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Kanak Agarwal

Fantasy Inspirational Others

कलम

कलम

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ये कलम भी रोती है,,

फुर्सत हो तो कभी सुनना..


हंसी, खुशी, मुस्कुराहट,

प्रेम-प्रीति छोड़कर..


जब लिखते हो इससे...


झूठ, बेईमानी, चोरी, डकैती,

व्यभिचार और दुराचार


तब.. 

सिसकती है ये..!


पर फिर भी,

सच कहने की हिम्मत

रखती है ये....



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