Kanak Agarwal
Fantasy Inspirational Others
ये कलम भी रोती है,,
फुर्सत हो तो कभी सुनना..
हंसी, खुशी, मुस्कुराहट,
प्रेम-प्रीति छोड़कर..
जब लिखते हो इससे...
झूठ, बेईमानी, चोरी, डकैती,
व्यभिचार और दुराचार
तब..
सिसकती है ये..!
पर फिर भी,
सच कहने की हिम्मत
रखती है ये....
रोशन दीवाली
प्रकृति और स्...
तस्वीर युद्ध ...
इश्क़
प्रेम
हम तो बस तेरे...
मनमर्जी
मुझ में रब बस...
झरना
जिंदगी
काश यह ख्वाहिश हमारी पूरी हो जाए, हम उनके और वो हमारे हो जाए। काश यह ख्वाहिश हमारी पूरी हो जाए, हम उनके और वो हमारे हो जाए।
कुछ ऐसी सरगम तू बन गयी है मेरे लिए... बस कुछ है तुझमें जो और किसी में नहीं है.. कुछ ऐसी सरगम तू बन गयी है मेरे लिए... बस कुछ है तुझमें जो और किसी में नहीं है...
तेरे दीदार की कसक से रोशन मेरा जहाँ है के तू यार बस मेरा है यार बस मेरा है... तेरे दीदार की कसक से रोशन मेरा जहाँ है के तू यार बस मेरा है यार बस मेरा...
मुझमें मेरा तुझमें तेरा ध्यान कहां लग पायेगा मुझमें मेरा तुझमें तेरा ध्यान कहां लग पायेगा
कौन कहता है नेकी का सिला नहीं मिलता इज्जत दीजिए, इज्जत लीजिए। कौन कहता है नेकी का सिला नहीं मिलता इज्जत दीजिए, इज्जत लीजिए।
चाहूँ मैं जो बात छिपाना महफिल में सब ब्यां कर देते हैं। चाहूँ मैं जो बात छिपाना महफिल में सब ब्यां कर देते हैं।
जानती हूँ सच नहीं वो क्रश है बस मेरा॥ जानती हूँ सच नहीं वो क्रश है बस मेरा॥
मासूम होठों में सुकुन बनके रहूं हर एक दिल में। मासूम होठों में सुकुन बनके रहूं हर एक दिल में।
मेरे आँगन के बरगद की छाया में मेहनत से मिले फल का मीठा स्वाद की मेरे आँगन के बरगद की छाया में मेहनत से मिले फल का मीठा स्वाद की
बेमुरव्वती का फरमान हमेशा से सुनाया करता है।। बेमुरव्वती का फरमान हमेशा से सुनाया करता है।।
अनकहे अल्फ़ाज़ तुम्हारे, मैं दिल से चुरा लेता हूँ, तू लिखे ना लिखे, मैं दास्ताँ - ए - प् अनकहे अल्फ़ाज़ तुम्हारे, मैं दिल से चुरा लेता हूँ, तू लिखे ना लिखे, मैं दास्ताँ...
बहुत ही साधारण सी हूं मैं.. नहीं होते वाक्यांश मेरे अमृता प्रीतम के जैसे बहुत ही साधारण सी हूं मैं.. नहीं होते वाक्यांश मेरे अमृता प्रीतम के जैसे
यह महसूस करने के लिए कि मैं कितना धन्य हूं, धन्य हूँ मैं मेरे पास तुम हो माँ। यह महसूस करने के लिए कि मैं कितना धन्य हूं, धन्य हूँ मैं मेरे पास तुम हो ...
मैं इस तरफ़ तुम उस तरफ़ ख़्वाहिशें सो नहीं पाई। मैं इस तरफ़ तुम उस तरफ़ ख़्वाहिशें सो नहीं पाई।
दरवाजा आज़ क्यों शोर मचाए ? न जाने क्या बात है ? दरवाजा आज़ क्यों शोर मचाए ? न जाने क्या बात है ?
गुनाह था जिसका; वो मौज में रहता है, बेगुनाह को फाँसी; दस्तूर बन गया। गुनाह था जिसका; वो मौज में रहता है, बेगुनाह को फाँसी; दस्तूर बन गया।
और काश मैं ज़िन्दगी एक बार फिर से जी जाऊँ। और काश मैं ज़िन्दगी एक बार फिर से जी जाऊँ।
कल किसने देखा है आज का पल खुशी से जी लेने दो ना कल किसने देखा है आज का पल खुशी से जी लेने दो ना
मेरी काया है तेरी कायनात तले उम्मीद मेरी तेरी आंखों के छलकते जाम से परवान चढ़े , मेरी काया है तेरी कायनात तले उम्मीद मेरी तेरी आंखों के छलकते जाम से ...
तेरी जन्नत जैसी बाँहों में कलमा मोहब्बत का पढ़ने मैं आता हूँ। तेरी जन्नत जैसी बाँहों में कलमा मोहब्बत का पढ़ने मैं आता हूँ।