Kanak Agarwal
Fantasy Inspirational Others
ये कलम भी रोती है,,
फुर्सत हो तो कभी सुनना..
हंसी, खुशी, मुस्कुराहट,
प्रेम-प्रीति छोड़कर..
जब लिखते हो इससे...
झूठ, बेईमानी, चोरी, डकैती,
व्यभिचार और दुराचार
तब..
सिसकती है ये..!
पर फिर भी,
सच कहने की हिम्मत
रखती है ये....
रोशन दीवाली
प्रकृति और स्...
तस्वीर युद्ध ...
इश्क़
प्रेम
हम तो बस तेरे...
मनमर्जी
मुझ में रब बस...
झरना
जिंदगी
कैसे भूल जाऊं मिलन का वो हंसी पल, बेशुमार मेरे प्यार में डूबी थी वो हसीना हर पल कैसे भूल जाऊं मिलन का वो हंसी पल, बेशुमार मेरे प्यार में डूबी थी वो हसीना हर...
तेरी चाहत मन बसी मिलन उत्कंठा एक आस, तेरी चाहत मन बसी मिलन उत्कंठा एक आस,
जब से तुम आए जीवन में खुशियों की सौगात मिली । जब से तुम आए जीवन में खुशियों की सौगात मिली ।
धूप हँसी बदली हँसी हँसी पलाशी शाम, पहन मूँगिया कंठियाँ टेसू हँसा ललाम। धूप हँसी बदली हँसी हँसी पलाशी शाम, पहन मूँगिया कंठियाँ टेसू हँसा ललाम।
जब मिली नजर तुमसे मेरा रोम रोम भया गुलाल ! जब मिली नजर तुमसे मेरा रोम रोम भया गुलाल !
जब रंग इश्क का चढ़े ख्वाहिशें शौकीन हो जाती हैं, जब रंग इश्क का चढ़े ख्वाहिशें शौकीन हो जाती हैं,
कहीं प्रेमसागर बह रहा कहीं बसा कोई मन मंदिर में। कहीं प्रेमसागर बह रहा कहीं बसा कोई मन मंदिर में।
घर को मंदिर कहना गलत ना होगा क्योंकि सारे सपने हम घर में ही बुनते घर को मंदिर कहना गलत ना होगा क्योंकि सारे सपने हम घर में ही बुनते
मन में उठे हैं बार बार यहीं सवाल छोड़ थाली गुलाल की लाल मन में उठे हैं बार बार यहीं सवाल छोड़ थाली गुलाल की लाल
फिर देख, तेरे हुस्न में चार चांद लग जायेंगे फिर देख, तेरे हुस्न में चार चांद लग जायेंगे
थोड़ी बदनामी भी जरूरी हैं प्रसिद्धि के लिए थोड़ी बदनामी भी जरूरी हैं प्रसिद्धि के लिए
जो भी पढ़ता है बस मंत्र मुग्ध सा हो जाता है जो भी पढ़ता है बस मंत्र मुग्ध सा हो जाता है
छुपा के अपने सारी आँसू तुम खुशियाँ कैसे बाँट लेते हो कहो यह कारनामा तुम कैसे कर लेते छुपा के अपने सारी आँसू तुम खुशियाँ कैसे बाँट लेते हो कहो यह कारनामा तुम कैसे...
जब मैं छुप जाती दूर कहीं, तो घुंघरू की धुन सुनकर तू, मुझको ढूंढ निकालती माँ जब मैं छुप जाती दूर कहीं, तो घुंघरू की धुन सुनकर तू, मुझको ढूंढ निकालती माँ
तेरी चाहत मन बसी मिलन उत्कंठा एक आस तेरी चाहत मन बसी मिलन उत्कंठा एक आस
तुम भी सात फेरे लेके सातों जन्मों तक का सफर कर पाओगी क्या ? तुम भी सात फेरे लेके सातों जन्मों तक का सफर कर पाओगी क्या ?
हर बार कोई ना कोई कहता रहे मे कलाकार हूँ मैं एक कलाकार हूं। हर बार कोई ना कोई कहता रहे मे कलाकार हूँ मैं एक कलाकार हूं।
खैर ओ ख़बर तू मेरी ले ना ले ये तेरी रज़ा, अब मैं हर लम्हा "ला" हूं ये अलग बात है. खैर ओ ख़बर तू मेरी ले ना ले ये तेरी रज़ा, अब मैं हर लम्हा "ला" हूं ये अलग बात...
कभी-कभी हर पल जिंदगी में ऐसे तराशा जाता है। ऐसे तराशा जाता है, ऐसे तराशा जाता है। कभी-कभी हर पल जिंदगी में ऐसे तराशा जाता है। ऐसे तराशा जाता है, ऐसे तराशा जाता...
बनी संगिनी वन-वन भटकी, फिर महल से निकाली भी गयी मैं। बनी संगिनी वन-वन भटकी, फिर महल से निकाली भी गयी मैं।