कितना सुंदर कितना प्यारा"*( भजन)
कितना सुंदर कितना प्यारा"*( भजन)
कितना सुंदर कितना प्यारा"*( भजन)
कितना सुंदर कितना प्यारा,
श्री गणेशजी का थाट है
प्रकृति का रचनाकार और
ब्रह्मांड का वो शासक है...!!
रूप अनोखा चाल अनोखी
हर अदा उनकि मतवाली है
धर्म और आस्था के प्रतिपालक
और कुशल कलाकार है...!!
परम श्रेष्ठ लेखक और
विद्वानों के ज्ञाता है
मातपिता की भक्ति देखो
ब्रह्मांड परिक्रमा लगाते है...!!
अपने चतुर व्यवहार से
देवो का भी मन जीत लिया
जो अथर्वशिर्षा का मंथन करता
वह सम्मोहीत होता है....!
रिद्धि सिद्धि और शुभ-लाभ
रहते आपके संग में है
चाहिए आपको मोदक, लड्डू
खुशी से हो जाते लट्टू है..!!
दस दिन में करते सभी जन
दुर्वा फूल चढ़ाकर पूजन अर्चन
और करते हैं भजन कीर्तन
करते भक्तों का कल्याण है..!!
मीनाक्षी किलावत {अनुभूति)
