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खयाल

खयाल

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मेरे खयालो मे अब भी तेरा खयाल है,

खत जला डाले मगर दिल अब भी बेहाल है

वो सब एक खुबसूरत एहसास था

जब तू मेरे दिल के पास था


अब चली जा तू और रहने दे मुझे तन्हाई मे

दिल के खयालातों को नही ढूढना मुझे परछाई मे

मुकद्दर मे होगी तु तो खुद आयगी मेरे पास

अब थक सा गया हूं ढूंड ढूंड कर तुझमे मेरे एहसास


मेरे खयालो मे अब भी तेरा खयाल है

खत जला डाले मगर दिल अब भी बेहाल है।।


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