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D.N. Jha

Romance

4  

D.N. Jha

Romance

खत मेरे नाम

खत मेरे नाम

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फिर से कोई खत मेरे नाम आया,

खत पढ़ा तो दिल को चैन आया।


तुझे खत लिखूं ये ख्याल आया,

मेरे मन फिर एक सवाल आया।


लिखूं तुझे खत ये उबाल आया,

लगता है फिर कोई उछाल आया।


लिखा क्या खत में मुझे मेरे नाम,

दिल ही दे दिया तुझको सरेआम।


खुद को भी करूंगा अब तेरे नाम,

अब मुझको न चैन है न आराम।


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