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shekhar kharadi

Romance Others

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shekhar kharadi

Romance Others

खंडहर

खंडहर

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तेरे जाने से

ये हृदय वैसे भी

खंडहर बन गया

ना कोई आता है

ना कोई जाता है

तेरी स्मृतियों के सिवा

यहां सब खाली है

बस रक्त को निचोड़े

विरह व्यथा का बोझ

मन को कुरेदता हुआ ।


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