STORYMIRROR

shekhar kharadi

Romance Others

3  

shekhar kharadi

Romance Others

खंडहर

खंडहर

1 min
203

तेरे जाने से

ये हृदय वैसे भी

खंडहर बन गया

ना कोई आता है

ना कोई जाता है

तेरी स्मृतियों के सिवा

यहां सब खाली है

बस रक्त को निचोड़े

विरह व्यथा का बोझ

मन को कुरेदता हुआ ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance