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Rakhi Tandon

Romance

4  

Rakhi Tandon

Romance

कहीं से आकर

कहीं से आकर

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वो खयाल रखता है मगर जताता नहीं है

वो प्यार करता है मगर बताता नहीं है

लगे जब बेहद तीखी धूप

कहीं से आकर छाया कर जाता है

देखे जो मेरे चेहरे पे उदासी

कहीं से आकर चुटकुला सुना जाता है

तकलीफ देखी नही जाती उससे

कहीं से आकर मलहम लगा जाता है

दिल लगे जब  पतझड़ का मौसम सा

कहीं से आकर सांसों को बासंती बना जाता है 

हिचकी के साथ याद आती है जब उसकी

कहीं से आकर अपने होने का एहसास करा जाता है।


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