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AVINASH KUMAR

Romance

4  

AVINASH KUMAR

Romance

कहीं देखा हैं तुमने उसे

कहीं देखा हैं तुमने उसे

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कहीं देखा है तुमने उसे 

जो मुझे सताया करती थी 


जब भी उदास होता था मैं 

मुझे हँसाया करता थी 


एक प्यार भरा रिश्ता है मेरा 

जो मुझे हरपल याद आता हैं 


खो गई वक्त के भँवर में कहीं 

जो हर पल मेरे साथ होती थी


आज एक अजनबी की तरह लगती ये दुनियॉ 

जो छोटी से छोटी बातो से मुझे अच्छी लगा करती थी


कहीं मिले वो किसी मोड़ पर 

तो उसे मेरा संदेशा देना 


कोई हैं जो आज भी उसका इंतजार कर रहा है 

जिसे वो मेरा सच्चा साथी बोला करता थी.


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