STORYMIRROR

Nisha Nandini Bhartiya

Drama

3  

Nisha Nandini Bhartiya

Drama

खेल शतरंज का

खेल शतरंज का

1 min
281

यह दौड़ जिंदगी की 

शतरंज का खेल है   

स्याह और सफेद             

सुख-दुख का मेल है


यह फौज दुश्मनों की 

मोहरों की बिसात है 

आशा और निराशा

शह और मात है 


टेड़ी चाल ऊँट की 

हर घड़ी घात है। 


लम्बी फलांग घोड़े की 

हाथी की मस्त चाल है 

राजा को बचा लो 

वरना हार ही हार है 


लड़ाई प्यादों की 

वजीर परेशान है 

मुसीबतों में अड़ कर

भाग्य पर पड़ा है 


सहारा मनोबल का

बहुत ही बड़ा है।


खिलाड़ी शतरंज का 

चतुर चालाक है 

टिकी मन के राजा पर

जीत और हार है 


मूल्यांकन पर स्वयं के 

जीवन गुलजार है 

प्यादे सभी नकारात्मक के 

धराशायी हो गए 


राजा खड़ा मुस्करा रहा

सिपाही सब सो गए। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama