Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Antariksha Saha

Romance


3  

Antariksha Saha

Romance


कहानी हमारी

कहानी हमारी

1 min 153 1 min 153

ज़िन्दगी के कुछ पल बदलना चाहता हूँ

काश ! रोक लिया होता तुम्हे

तो हालत कुछ और होते

मुहब्बत तुम्हारे सपनो के आगे बहुत छोटी थी

इसलिए तुम्हे जाने दिया

तुम्हे मुझे गलत समझने का कारण दिया

जब आपने सपनो को पा लोगी

लौट कर देखोगी तो मुझे ना पाओगी

मैंने भी मिडिल क्लास लोगों की तरह अपना घर सज़ा लिया है!


Rate this content
Log in

More hindi poem from Antariksha Saha

Similar hindi poem from Romance