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Rajit ram Ranjan

Abstract

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Rajit ram Ranjan

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कहाँ है ?

कहाँ है ?

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वो पास है, 

पर 

पास कहाँ है !

मिलने की एक 

आस है, 

पर आस कहाँ है !


दौलत है 

ये दुनिया, 

पर दौलत

कहाँ है !


मोहब्बत हैं 

सबको, 

पर 

मोहब्बत कहाँ है !


तन्हाई में हैं 

सब पर 

तन्हाई कहाँ है !

इंतज़ार है सबको पर 

इंतज़ार कहाँ है !


वो पास है पर 

पास कहाँ हैं !


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