STORYMIRROR

अमित प्रेमशंकर

Inspirational

2  

अमित प्रेमशंकर

Inspirational

कदम कभी ना डगमगाए

कदम कभी ना डगमगाए

1 min
215

सूरज डूबे तो डूब जाए

तिरगी छाए तो छा जाए

आगे बढ़ते ही बस जाएं

कदम कभी ना डगमगाए।।


चाहें घेरे घनघोर घटाएं

वर्षा मुसलाधार वर्षाए

सामने पर्वत भी आ जाए

कदम कभी ना डगमगाए।

कदम कभी ना डगमगाए

कदम कभी ना डगमगाए।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational