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अमित प्रेमशंकर

Inspirational

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अमित प्रेमशंकर

Inspirational

कदम कभी ना डगमगाए

कदम कभी ना डगमगाए

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सूरज डूबे तो डूब जाए

तिरगी छाए तो छा जाए

आगे बढ़ते ही बस जाएं

कदम कभी ना डगमगाए।।


चाहें घेरे घनघोर घटाएं

वर्षा मुसलाधार वर्षाए

सामने पर्वत भी आ जाए

कदम कभी ना डगमगाए।

कदम कभी ना डगमगाए

कदम कभी ना डगमगाए।।



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