अमित प्रेमशंकर
Inspirational
सूरज डूबे तो डूब जाए
तिरगी छाए तो छा जाए
आगे बढ़ते ही बस जाएं
कदम कभी ना डगमगाए।।
चाहें घेरे घनघोर घटाएं
वर्षा मुसलाधार वर्षाए
सामने पर्वत भी आ जाए
कदम कभी ना डगमगाए।
कदम कभी ना डगमगाए
जन्मदिन अभिनन...
रखना लाज इस र...
धर्म की राह
हनुमत वीरा
क्या सचमुच तु...
प्रेम, ग्रंथ ...
कोई जा के ला ...
शबरी के जूठे ...
जटायु के अंति...
धरती को रौंद ...
मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ। मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ।
सदियों से बुद्धि व भाग्य में यह प्रतिद्वंद है चला सदियों से बुद्धि व भाग्य में यह प्रतिद्वंद है चला
उजागर सत्य से--- उफ ! बदलती जरूरतें, बदलते तहखाने। उजागर सत्य से--- उफ ! बदलती जरूरतें, बदलते तहखाने।
हर वर्ष कुछ पेड़ लगाकर बच्चों सा उनको पालूँगी! हर वर्ष कुछ पेड़ लगाकर बच्चों सा उनको पालूँगी!
काला सफेद के बीच फंस गया रंग बेचारा सिलेटी, ना ही स्याह ना ही उज्जवल ज्यों राख की हो। काला सफेद के बीच फंस गया रंग बेचारा सिलेटी, ना ही स्याह ना ही उज्जवल ज्यों रा...
बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं विचार। बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं व...
आज जरा अंतर्मन झांको, एक राम वहाँ विराजे हैं. आज जरा अंतर्मन झांको, एक राम वहाँ विराजे हैं.
खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ। खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ।
सोए हो सिंह तुम्हें माता ने बुलाया है, धू-धू करे धरा किसने यह आग लगाया है। सोए हो सिंह तुम्हें माता ने बुलाया है, धू-धू करे धरा किसने यह आग लगाया है।
आसान नहीं होता है अस्तांचल गामी सूर्य होना। आसान नहीं होता है अस्तांचल गामी सूर्य होना।
और उन्होंने जवाब दिया ताकि आपके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए कोई हो ! और उन्होंने जवाब दिया ताकि आपके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए को...
मेरे बच्चे क्यों रहेंगे साथ मेरे मेरे बच्चे क्यों रहेंगे साथ मेरे
वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो। वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो।
खुली किताब सा है जीवन किंतु यह माने कौन, पढ़ते तो सब हैं परन्तु मुझे समझना चाहे कौन। खुली किताब सा है जीवन किंतु यह माने कौन, पढ़ते तो सब हैं परन्तु मुझे समझना चा...
हूं खुदा मैं भी तो तेरा एक बंदा, फिर क्यों समझते है मुझे एक अभिशाप। हूं खुदा मैं भी तो तेरा एक बंदा, फिर क्यों समझते है मुझे एक अभिशाप।
निज चमन के बनेंगे जब हम माली, होगी सार्थक तब ही होली-दिवाली। निज चमन के बनेंगे जब हम माली, होगी सार्थक तब ही होली-दिवाली।
मुझे मोक्ष मत देना मोहन, मत करना मुक्ति मार्ग प्रशस्त। मुझे मोक्ष मत देना मोहन, मत करना मुक्ति मार्ग प्रशस्त।
एक कर्मठ और सृजनशील मजदूर नहीं मनाता मजदूर दिवस। एक कर्मठ और सृजनशील मजदूर नहीं मनाता मजदूर दिवस।
एक विश्वाश एक समर्पण और सबसे अहम मुझ- सी चाहत ! एक विश्वाश एक समर्पण और सबसे अहम मुझ- सी चाहत !
स्वयं को करो नमस्कार, मिलो स्वयं से, करो साक्षात्कार। स्वयं को करो नमस्कार, मिलो स्वयं से, करो साक्षात्कार।