Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Lakshman Jha

Inspirational


4  

Lakshman Jha

Inspirational


"सबको मैं अपनाता हूँ "

"सबको मैं अपनाता हूँ "

1 min 320 1 min 320


लिखना भी नहीं आता है ,ना गीत कोई गढ़ पाता हूँ ,

जो मन हमें भा जाता है ,उसको ही मैं अपनाता हूँ !!


राहों में कितने लोग मिले ,कुछ साथ रहे कोई चले गए , 

हर लम्हों को आज भी मैं ,यादों का महल बनाता हूँ !!

जो मन हमें भा जाता है ,उसको ही मैं अपनाता हूँ !!


खुशियाँ मिलने पे नाच उठे ,गम को भी अपनाया मैंने ,

है नहीं शिकायत कभी मुझे ,सबको ही मैं अपनाता हूँ !!

जो मन हमें भा जाता है ,उसको ही मैं अपनाता हूँ !!


हर हाल में रहना सीख लिया ,काटों के चुभन को जान लिया ,

फूलों के कोमल स्पंदन से ही ,दिल को मैं नित बहलाता हूँ !!

जो मन हमें भा जाता है ,उसको ही मैं अपनाता हूँ !!


Rate this content
Log in

More hindi poem from Lakshman Jha

Similar hindi poem from Inspirational