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Neerja Sharma

Inspirational

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Neerja Sharma

Inspirational

पापा

पापा

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पापा पर जितना भी लिखना चाहूँ कम है

पापा आज इस दुनिया में नहीं है

पर कहीं ना कहीं 

हर जगह रचे बसे से हैं ।


माँ की तरह ही.

प्रभु की अद्भुत कृति हैं पापा ,

आकाश सा विस्तारित

उनकी गोद में संसार है ।

दिल हमेशा शहंशाह

हर ख्वाहिश पूर्ण वहाँ

उन्हीं से हक उन्ही से जिद्द

यहाँ तक कि दावा भी उन्हीं से ।


माँ तो रम जाती हैं अपनी गृहस्थी में 

पर पिता सम्भालते पिता के घर को 

जोड़े रखते हैं पिता से जुड़े रिश्तों को 

लाज ढोते हैं कई परिवारों की 

सम्मान देते हैं बुआ ,बहन , बेटी,बहु-बेटी

सबके परिवारों को ...

संयुक्त परिवार की सबसे सशक्त कड़ी ।


सच कहूँ उनका गुस्सा करना जायज है 

टोकना , डाँटना हक है पापा का...

कह तो दिया पापा की सहनशक्ति कम है 

कभी सोचा किसी ने 

परिवार की शांति के लिए

कितनी बार ....

कितनी बार खुद को रोक...

कितनी पीड़ा सही है ।


भगवान ने भी कमाल का सृजन किया है ....

जहाँ बेटा पिता से दिल की न कह पाए ..

वहाँ माँ कोड वर्ड बन

परिवार की ढाल बन जाती।

क्योंकि .....

क्योंकि माँ का संबल.

माँ का विश्वास ...

उसके बच्चों के पिता ही हैं...

जिसके दम पर वह अकेली 

सारी दुनिया से लड़ सकती है ...


माँ - पापा से ही संसार है 

दोनों इक दूजे की ढाल

घर की सशक्त नींव.....

रिश्तों की मीनार है....



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