कभी कभी
कभी कभी
कभी कभी दिल करता है,
दिल निकाल कर रख दूँ,
और कह दूँ के लो.... इसमें
अपने रंग खुशबु भर दो
करीब न भी हुए,
महका तो करूंगी हर पल,
हर घड़ी तेरी यादों के
रंग बिखेरा करूंगी सुनो
मेरी आवाज़ की खनक ही
तुम्हारी मौजूदगी से है,
मेरे इर्दगिर्द रहा करो ना
मुझमें तेरी ये खनक अच्छी लगती है।

