STORYMIRROR

SIJI GOPAL

Tragedy

4  

SIJI GOPAL

Tragedy

कैसा है ये प्यार ?

कैसा है ये प्यार ?

1 min
370

तुमको बहुत चाहा इसलिए खुद को सजा देता हूं

तुमसे उम्मीद रखी इसलिए खुद को परेशान करता हूँ


तुमको निहारा इसलिए खुद को नापसंद करता हूँ

तुमको याद किया इसलिए खुद की श्राप देता हूं


तेरे लिए प्रार्थना की इसलिए खुद की निंदा करता हूं

तुमको सराहा इसलिए खुद को नुकसान पहुँचाता हूँ


तुम्हारा ख्याल किया इसलिए खुद को तंग करता हूँ 

तुम्हारा सहारा बना इसलिए खुद से घायल करता हूंँ


तुम पर विश्वास किया इसलिए खुद को धोखा देता हूँ

तुम्हारे बारे में सोचा इसलिए खुद को ड़ाटता हूं


तुमसे वफ़ा की इसलिए अपने साथ छल करता हूँ

तुम्हें थामा इसलिए अब अपने आप को तोड़ता हूँ


तुम्हारा इंतज़ार किया इसलिए खुद को चोट पहुंचाता हूँ

तुमसे प्यार किया इसलिए मैं खुद से नफरत करता हूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy