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Ravi Ghayal

Abstract Fantasy

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Ravi Ghayal

Abstract Fantasy

कातिल की नज़र में हूँ

कातिल की नज़र में हूँ

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मिट्टी का

जिस्म ले के

पानी के घर में हूँ


मंज़िल मौत है

और मैं

सफर में हूँ


होगा कत्ल मेरा

मालूम है

लेकिन

खबर नहीं


किस कातिल

की नज़र में हूँ।


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