Ravi Ghayal
Abstract Fantasy
मिट्टी का
जिस्म ले के
पानी के घर में हूँ
मंज़िल मौत है
और मैं
सफर में हूँ
होगा कत्ल मेरा
मालूम है
लेकिन
खबर नहीं
किस कातिल
की नज़र में हूँ।
राही की आस
दास्तान-ऐ-सुर...
खामोश रहो सब,...
लाश लिए फिरता...
यूं ही आत्मा ...
कातिल की नज़र...
सब बन्दों की ...
सब सपना है
अश'आर-ऐ-जज़्ब...
बंदर का फोड़ा
मैं मार्ग से हट जाऊँगा मैं मार्ग से हट जाऊँगा
तेरा रास्ता, मेरी मंज़िल बस तू ही तू और मैं ही मैं। तेरा रास्ता, मेरी मंज़िल बस तू ही तू और मैं ही मैं।
मेहनत से भारत का नया इतिहास तय करो। मेहनत से भारत का नया इतिहास तय करो।
बोए मैंने, तालीम के बीज, जिससे उगे, तालीम की फ़सल। बोए मैंने, तालीम के बीज, जिससे उगे, तालीम की फ़सल।
जग में मानव जो श्रेष्ठ कहा, नव इतिहास गढ़ें, नव सीमाएँ। जग में मानव जो श्रेष्ठ कहा, नव इतिहास गढ़ें, नव सीमाएँ।
आपका आचार नहीं, विचार ख़राब होता हैं मेरे चार दिन नहीं, आपका दिमाग ख़राब होता हैं अंधेरे का सांस... आपका आचार नहीं, विचार ख़राब होता हैं मेरे चार दिन नहीं, आपका दिमाग ख़राब होता ह...
उसे देखने की चाहत में, अचानक यूँ उससे टकराहट हुई है। उसे देखने की चाहत में, अचानक यूँ उससे टकराहट हुई है।
ऐसी माई रेशा को भी, शीश झुकाइये। ऐसी माई रेशा को भी, शीश झुकाइये।
इतिहास स्वयं बतलाता है इतिहास स्वयं बतलाता है
वक़्त गुज़र रहा है वक़्त गुज़र रहा है
मैं वो चाँदनी भी तो हूँ नहीं, जिसके लिए वो खिड़की के कोने पर खड़ा हो जाएगा।। मैं वो आदत तो हूँ नही... मैं वो चाँदनी भी तो हूँ नहीं, जिसके लिए वो खिड़की के कोने पर खड़ा हो जाएगा।। म...
पढ़ लूँ अजान आयतें मैं भी, तू पढ़ गीता तो कोई न टोंके। पढ़ लूँ अजान आयतें मैं भी, तू पढ़ गीता तो कोई न टोंके।
है मेरा भारत देश महान यहाँ रहते रिषी और मुनि महान है सारे विश्व में इसकी शान... और भी कई अनगिनत खु... है मेरा भारत देश महान यहाँ रहते रिषी और मुनि महान है सारे विश्व में इसकी शान.....
मेरा भारत हँसता है मेरा भारत हँसता है
पानी से निर्मल मन करूँगी पानी से निर्मल मन करूँगी
हार नहीं है सीखा हमने हार नहीं है सीखा हमने
अपना घर आंगन, बाबुल, सखियां अपना हर आकार तज निकली। अपना घर आंगन, बाबुल, सखियां अपना हर आकार तज निकली।
लहराते साए गले लगा लेते हैं झूमकर मुझे। लहराते साए गले लगा लेते हैं झूमकर मुझे।
खोती रहती हूँ हर पल, खुद को सम्हाल पाती नहीं। अनकहे एहसासों को बस, खुद में सम्हाल पाती नहीं। कुछ... खोती रहती हूँ हर पल, खुद को सम्हाल पाती नहीं। अनकहे एहसासों को बस, खुद में सम...
हो सब तरफ बस भाईचारा और जज़्बा देश प्रेम का मेरा भारत महान। हो सब तरफ बस भाईचारा और जज़्बा देश प्रेम का मेरा भारत महान।