STORYMIRROR

Shubham Pandey gagan

Romance

3  

Shubham Pandey gagan

Romance

काश

काश

1 min
237

काश !

वो खूबसूरत ख़याल मुझे भी आते

जो तुम देखते हो अपनी तन्हा रातों में

हाँ वही हसीन ख़्वाब मुझे भी आते।


काश!

वो हर वो बात जो तुम छुपा के रखते हो

अपनी इश्क़ की भावनाएं दबा के रखते हो

हम वो सब जान पाते वो सब समझ पाते।


काश!

तुम्हारी हर एक दुआ में शामिल हो पाते

हर कलमा हर आयात जैसे याद हो पाते

तुम्हारे हर एक व्रत का कारण बन पाते

बस हम तुम्हारे सिर्फ तुम्हारे हो पाते।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance