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Shubham Pandey gagan

Romance

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Shubham Pandey gagan

Romance

होली में

होली में

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देखो आज हर अंग खिला है

जैसे हवा में रंग मिला है

मैंने आज भंग पीया है

हुल्लड़ तेरे संग किया है

ओ मेरी गोरी बृज की छोरी

मैं तेरा कन्हैया तू मेरी मोड़ी

तुझ पे ये दिल कुर्बान

होली में हां होली में।


तू गोरी गोरी मैं श्याम सलोना

तुझसे है महके गोकुल का हर कोना

आना मुझसे मिलने

चुपके जमुना किनारे

तेरे इंतज़ार में अँखियों ने देखे तारे

मैं तुझे रंग लगाऊं

आज तुझको सताऊं

आज हो जाये सब ऐलान

होली में हां होली में।



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