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Shubham Pandey gagan

Abstract

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Shubham Pandey gagan

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होली

होली

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लगा फागुन उड़ा है रंग आओ खेल लो होली

रहे हिन्दू रहे मुस्लिम रहे जो प्यार की बोली

चले कान्हा लगाने रंग बरसाने की राधा को

गए है भीग कान्हा भी गयी है भीग ये टोली।

   


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