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काने को काना कहना

काने को काना कहना

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ये जो नगीना है, बड़ा सयाना है।

देखो कि बांधे सर पे, केसरी बाना है।


चलता है ऐसे जैसे, कोई वीर राणा है।

सच में नगीना सिंह, बड़ा मरदाना है।


छोटा भी दुनिया मेंबड़ा भी दुनिया में।

ऊँच नीच जात-पात छुआ-छुत दुनिया में।


पर एक आँख से देखे सबकुछ।

एक समान हीं माने सबकुछ।


भले हीं एक आँख का काना है।

आना है बाना है, मस्ताना है।

नगीना सिंह सच में बड़ा वीर मर्दाना है।


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