STORYMIRROR

Sarita Saini

Romance

3  

Sarita Saini

Romance

ज़ुर्म_ए_इश्क़

ज़ुर्म_ए_इश्क़

1 min
173

सुनो ..

कभी किया है सबसे छुपकर...

पलकों के कोनों से दीदार किसी का ,


और नज़रें मिलते ही नज़रें यूँ फेर लेना

जैसे कोई ज़ुर्म हो गया हो ख़ुद से ।


गर हॉ तो इश्क़ ने तुम्हें भी छुआ था कभी ...

किसी की ख़ातिर तुमने भी ख़ुद को परेशां किया था कभी ।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance