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Niru Singh

Romance

3  

Niru Singh

Romance

जो तुम ना होते

जो तुम ना होते

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जो तुम न होते...  . 

तो जीवन का क्या मतलब होता.


वैसे ही जैसे..... 

पेड़ अधूरे पंछी बिन, 

नदियाँ सुनी पानी बिन, 

गालियाँ उलछी चौराहे बिन, 

पतंग उड़ती डोरे बिन, 

सागर बहती लहर बिन, 

शाम अधूरी सुबह बिन, 

आँख अधूरी पलकों बिन, 

चाँद अधूरा चाँदनी बिन, 

आकाश सुना तारों बिन, 


जो तुम ना होते... 

ना होती सुबह हसीन, 

शामे रंगीन।



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