STORYMIRROR

Sonam Kewat

Romance Tragedy

4  

Sonam Kewat

Romance Tragedy

जो हो रहा है सही हो रहा है

जो हो रहा है सही हो रहा है

1 min
441

नजर अंदाज कर रही थी अब तक

पर नजरों में अब तू खटक रहा हैं

सफर तो एक ही था हम दोनों का पर

शायद तू रास्ते से भटक रहा है


जानती हूं तुम व्यस्त हो जिंदगी में 

हमारा भी समय अब व्यस्त हो रहा है 

मैं वक्त निकाल कर बात करतीं पर 

धीरे-धीरे सब तहस नहस हो रहा है 


अब इस रिश्ते की डोर ढीली हो गई है 

फिर भी इसे थामने को मन हो रहा है 

तुम्हारे लिए खास जगह बची नहीं पर 

तुम्हारे चले जाने का वहम हो रहा है


थक गई हूं झगड़ा करते करते और

अब प्यार भी अब थोड़ा कम हो रहा है 

तुम तो गौर नहीं कर रहे हो पर हां 

धीरे-धीरे सब खत्म हो रहा है 


जाने कितने वादे और सपने थे

जैसा सोचा वैसा कुछ नहीं हो रहा हैं

दिल को बस ये कहकर समझा लेती हूं

कि जो भी हो रहा है सही हो रहा है.


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance