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Dinesh Dubey

Inspirational

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Dinesh Dubey

Inspirational

जो अपना ना था

जो अपना ना था

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क्यों डरते हैं हम कुछ खोने से,

जो अपना ना था उसपे रोने से,

खाली हाथ आए थे सभी ,

खाली हाथ ही जाएंगे,।

रिश्ते नाते सब यहीं बने,

सब यहीं धरे रह जायेंगे ,

रिश्तों की नाजुक डोर में बंधे,

सब कुछ कर निकल जायेंगे,।

कौन था अपना कौन पराया ,

किसकी चाहत किसकी छाया,

अपनी नही है जब ये काया,

तब क्यों रोएं हम इस माया।


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