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Reena Goyal

Classics

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Reena Goyal

Classics

जन्मे कृष्ण कन्हाई

जन्मे कृष्ण कन्हाई

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आज यशोदा के द्वारे पर ,बाज रही शहनाई

गोकुल भर -भर नेह लुटाए ,देते सभी बधाई।


जन्म लिया लीला धारी ने ,उत्सव नगर मनाएं

बांकी चितवन है कान्हा की ,चित्त को रही चुराए।

मोद प्रमोद भये अँखियन में ,खुशियां हैं अँगनाई

गोकुल भर -भर नेह लुटाए ,देते सभी बधाई।


गोप- ग्वाल सुध बुध बिसराते ,झूम रही सब गइयाँ

लीलाएं अद्भुत कान्हा की , माता लेत बलैइयां।

हरि के मुख ब्रमांड समाया ,चकित यशोदा माई

गोकुल भर- भर नेह लुटाए ,देते सभी बधाई।


अत्याचार कंस का भारी ,रीति नीति तज दीन्ही

मार गिराया दुष्ट कंस को ,विपद कृष्ण हर लीन्ही।

धरा गगन आनन्द मनाते ,हर्षित बेला आयी

गोकुल भर -भर नेह लुटाए ,देते सभी बधाई।


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