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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Others

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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Others

ज़मीन पे आसमां

ज़मीन पे आसमां

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कुछ इस तरह से वो पेश आए,

जैसे ज़मीन पर आसमां ले आए,


खूब व्यक्त की मनोभावना उन्होंने,

जैसे हर चेहरे की पीछे की सच्चाई जान आए,


यूं ही ना करो, एतबार, यह वो रास्ता है,

जिसकी मंजिल न कोई ठिकाना आए,


कुछ तो बात है, जिसकी समझ,

ना हमको ना तुमको आए,


कुछ इस तरह से वो पेश आए,

जैसे ज़मीन पर आसमां ले आए।



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