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Shyam Kunvar Bharti

Romance

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Shyam Kunvar Bharti

Romance

जख्मी दिल

जख्मी दिल

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हाले दिल उनको सुनाया ना जाएगा

जख्मी दिल उनको दिखाया ना जाएगा

लाख मन्नतों बाद आज उनको पाया मैंने

अब जो बिछड़े उनको भुलाया न जाएगा।

खुश रहे वो जहाँ भी रहे मगर

पास उनको बुलाया ना जाएगा

सहा है गम उसने खातिर मेरे बहुत

देकर गम दिल दुखाया ना जाएगा।

कहते है प्यार कीजिये दूर ही रहिए

करीब जा उनको सताया ना जाएगा

बहुत उठा लिया रंजो गम जमाने के

बोझ टूटे दिले गम उठाया न जाएगा।

थी गुजारिस मेरी वो मेरा बन के रहे

इश्के बेवफा अब निभाया न जाएगा

थे वे लम्हे हसीन संग जो गुजारे हमने

भारती साथ अब बिताया न जाएगा।


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