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Dinesh Dubey

Romance

3  

Dinesh Dubey

Romance

जज़्बात

जज़्बात

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वह दिखलाने गए थे उसके घर,

अपने दिले जज्बात को,


पर देखने लगे उसके यहां आई,

उसकी बारात को,


एक लफ्ज़ ना कह सके थे वो,

दिल में अरमान जगाते रहे,


अपने ही बेखुदी में वह रह गए,

और उसकी रूखसती देखते रह गए।


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