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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

जिनकी मुस्कान में संगीत

जिनकी मुस्कान में संगीत

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जिनकी हर मुस्कान में भी एक नया संगीत था, 

कहते हैं जिनका हर जीवन नया एक गीत था, 


आज वो सितारा बनकर हमसे कहीं दूर हो गई, 

आवाज में उनकी जैसे माँ सरस्वती का वास था, 


स्वर की देवी और मधुर वाणी की वो मल्लिका, 

जिनका सम्पूर्ण जीवन ही मनमोहक गीत था, 


अद्भुत संगीत की खूबसूरती का वो एहसास, 

जिसमें हर तरानों का बहता हुआ सा नूर था,


एक तारा टूट गया वो अपना हमसे छूट गया, 

जिनकी संगीत पर नतमस्तक सारा जहान था,


गुंजती है आवाज आज भी उन हर खामोशी में, 

बह गए अश्रु यादें रह गई सिर्फ हमारी आंखों में, 


उनकी आवाज का जादू हमेशा ही जिंदा रहेगा, 

आवाज ही पहचान, आवाज ही उनकी साधना, 

जानते संगीत ही रही हमेशा उनकी आराधना !


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