STORYMIRROR

Dr. Shubhra Maheshwari

Inspirational

3  

Dr. Shubhra Maheshwari

Inspirational

जिंदगी का सफर

जिंदगी का सफर

1 min
270

जब तक निगेटिव रहे हर कोई गिराता रहा।

हमारी मजबूरियों का लाभ भी उठाता रहा।।

स्वार्थ ही छिपा रहा हर किसी के मकसद में,

बस हमें नीचे और नीचे दबाता औ गिराता रहा।।


ये ज़िंदगी भी अजब गजब निराली है।

सोचो समझो जानो अजब मतवाली है।।

ज़िंदगी हमेशा उतार चढ़ाव देती है दोस्तों,

ये बात आज मैंने अब जानी है पहचानी है।।


लोग कहते रहे कि पाज़िटिव सोचो, 

जीवन तुम्हारा फिर संवर जायेगा।।

पर जब से पाज़िटिव हुए दोस्तों, 

लोगों ने हमसे दूरियां बना लीं।।

 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational