STORYMIRROR

ज़िन्दगी जीना सीखना है मुझे !

ज़िन्दगी जीना सीखना है मुझे !

1 min
1.1K


क्या चल रहा है हमारी ज़िन्दगी में ?

मैं भी बेखबर हूँ और आप भी अंजान हैं।

क्या किये जा रहे हैं हम ज़िन्दगी में ?

मैं भी कमाल हूँ और आप भी बेमिसाल हैं।


कभी बैठ जाते हैं यूँ ही हाथ पर हाथ धरे हुए

सूझता नहीं कुछ भी फिर भी हैं सोच में पड़े हुए।

पता नहीं क्यों डरते हैं ये क़दम आगे बढ़ने से

पता नहीं क्यों लड़खड़ाते हैं ये क़दम आगे बढ़ने से।


सपनों की तरफ आगे बढ़ना सीखना है मुझे

लेकिन उससे पहले उन सपनों को देखना है मुझे।

हो चाहे कितने भी बड़े वो सपने सबको साकार कर

ज़िन्दगी जीना सीखना है मुझे।

ज़िन्दगी जीना सीखना है मुझे।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract