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Lokanath Rath

Abstract Inspirational

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Lokanath Rath

Abstract Inspirational

जिन्दगी जी लीजिये.....

जिन्दगी जी लीजिये.....

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नाखुश होने की तो वजह बहुत है,

उस वजह का वजह क्यूँ ढूंढ़ना है,

जिन्दगी बड़ी मुश्किल से तो मिली है,

कहते है ये बस चार दिन की है,

जिन्दगी का खुलकर मजा लीजिये,

अब तो यार ये जिन्दगी जी लीजिये......


रास्ता बड़ी लम्बी है, फ़ासले कम है,

जो बीत गया, वो बस बीत गया है,

आगे का क्या, कुछ भी तो पता नहीं है,

बस जो अब मिला उसको जीना है,

जिन्दगी है यार कोई चीज नहीं ये,

अब तो प्यारे ये जिन्दगी जी लीजिये.......


पीछे मुड़ के ना देख, वक़्त नहीं है,

आगे क्या होगा अब तय तो नहीं है,

अब तो सारे वक़्त तुम्हारे साथ है,

वो कब निकल जाये पता नहीं है,

ये वक़्त की तो दोस्त कदर कीजिये,

अब तो जरा ये जिन्दगी जी लीजिये.......


ये लोग तो बस कुछ भी कहते है,

उनको क्यूँ फिर तब सुनना है,

बेकार में अपनी वक़्त गवाना है,

खुशियों की हर पल क्यूँ खोना है?

खुद की है जिन्दगी मजा उठाइये,

अब तो आप ये जिन्दगी जी लीजिये......



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