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S.Dayal Singh

Abstract

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S.Dayal Singh

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जीवन

जीवन

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जीवन के क्या मायने है ?

जीवन की क्या परिभाषा है ?

किसी के लिए आशा है जीवन 

किसी के लिए निराशा है।


जीवन है उगता हुआ सूरज

जीवन ढलती शाम के जैसा

जीवन शिखर दोपहर के जैसा 

जीवन मदिरा जाम के जैसा।


जीवन चोटी मांऊट एवरेस्ट की

जीने का इक जरिया है

कोई कहे नीरस है जीवन

या फिर आग का दरिया है।


किसी के लिए वाओ-वरोला 

किसी के लिए पराग के जैसा

किसी के लिए अथाह समुद्र 

किसी के  लिए झाग के जैसा।


कोई कहे व्यर्थ है जीवन

कोई कहे मनहूस है जीवन 

कोई कहे बारम्बार नहीं मिलता

कोई कहे कुकनूस है जीवन।


कोई कहे कि जल है जीवन

झरने की कल कल है जीवन 

कोई कहे मृग तृष्णा जीवन

कोई कहे मरुस्थल है जीवन।


जीवन रहस्य जिसने जाना,

सब के अपने अपने मत।

जीवन मायने पाने है गर

खोज निरन्तर जारी रख।

--एस.दयालसिंह--



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