जीवन साथी
जीवन साथी
गीत प्रियतम के मधुर स्वरों में गुनगुनाता चल
उसके प्रेम की स्नेह सरिता में नहाता चल
मेरी प्रियतम ,मेरी जीवन साथी सदा मेरे सम्मुख रहे
उसकी मोहिनी सूरत,कोमल हृदय ,मेरे मन में रहे
अनवरत श्रद्धा सहित गुणगान गाता चल
कर्ण कुहरों में बहे उसके मधुर वाणी की लहर
मृदुल छवि की माधुरी विस्मृत न हो आठों पहर
दिव्य मधुमय प्रियतम की किर्ति गाता चल
जन्म जन्मांतर के लिए तुझको ही धारण करुँ
तूने जो किया समाज के लिए उस पर नमन करुँ
अपने प्रियतम से नज़र से नज़र मिलाता चल
असमर्थ हो दामन पकड़ा आँधी हो या तूफान हो
समर्थ किया तुमने मुझको चाहे अज्ञान तम की रात हो
कर समर्पित प्रियतम तले आँसू बहाता चल।
