जीवन में बैलेंस किधर है
जीवन में बैलेंस किधर है
मानवता से जो प्यार करें
वो जीवन जिए सही_ सही
बीच_बीच में यह समीक्षा जरूरी है कि
जीवन में बैलेंस किधर है।
जब टूटता है कोई मजबूत चीज़े
तो जोर का धमाका होता है
कोई रिश्ता न टूटे, इसीलिए देखना जरूरी है कि
जीवन में बैलेंस किधर है।
उठ रही है आज उंगलियॉ
जीवन जीने की ढंग पर हमारी
मुश्किल घड़ी ना आएं, इसीलिए देखना जरूरी है
जीवन में बैलेंस किधर है।
सपनों की है ये दुनिया
कुछ सपने साकार भी होती है
सपना देखते हुए जिंदगी कट न जाएं
इसीलिए देख लें, जीवन में बैलेंस किधर है।
हमारे जीवन की सुख_दुःख के किस्से
आज कोई सुनने वाला नहीं है
इसीलिए तो खुद को यह देखना है कि
जीवन में बैलेंस किधर है।
पढ़_लिखकर भी आज नौजवान
न जाने क्यों गुनाहगार बन रहें है
माता_पिता को यह समीक्षा करना जरूरी है कि
बच्चों की जीवन में बैलेंस किधर है।
