जीत की एक निशानी बस जप नाम पतवार
जीत की एक निशानी बस जप नाम पतवार
मुश्किल हालात गले में फाँस
ना समझे कोई तेरे जज़्बात
भँवर अनेक राह सिर्फ एक
कहने को अपने सब तू देख
जिनके लिये हो परेशान तूने
खुद को मारा वो हुऐ किनारा
सच्चाई उजाग़र पर रहा ना मान
तब एक भरोसा गोबिंदा का जान
हार ना मान हारने ना देगा वो कभी
जीत की एक निशानी बस जप नाम पतवार
किनारा करने वालों को किया किनारा
भविष्य तेरा उज्जवल ये उसका इशारा
सच की होती परीक्षा झूठ ना जीता
क़ुदरत ने भी सदा सत्य को सींचा
जो तेरा मन में रख ना औरों को बता
उसको भी सब है पता ना पगले जता
निर्मल करना अंतर्मन पापमय होता तन
नियति में जो होना है चाहे कितने हो जतन
रख एक भरोसा गोबिंदा वो बदलेगा ये पल
जीत की एक निशानी बस जप नाम पतवार
