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Tanha Shayar Hu Yash

Tragedy Inspirational

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Tanha Shayar Hu Yash

Tragedy Inspirational

जब मुश्किलें झांक रही हो

जब मुश्किलें झांक रही हो

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जब मुश्किलें झांक रही हो 

दामन से इस बेदर्द संसार को , 

और तुम्हें भी पता ना चले 

क्या बचा है अब इंतज़ार को..


तुम पोंछ के आंसू को

भुला देना जालिम संसार को ,       

अब दर्द ही तेरा साथी है ,          

पार निकल पकड़ के गम की पतवार को..


करके गिरह विरह के आलाप तुम

पहन अग्नि ज्वलन की इस राख़ को,

देख सूरज के ताप को भी जलाना

छाव से बचाकर अपने आप को..    

      

जब मुश्किलें झांक रही हो 

दामन से इस बेदर्द संसार को , 

और तुम्हें भी पता ना चले 

क्या बचा है अब इंतज़ार को..



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