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Manoj Kumar

Romance

3  

Manoj Kumar

Romance

जब आंखो में पानी हो

जब आंखो में पानी हो

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जब आंखो में पानी हो।

दिल की कहानी हो।

तब ! कैसे किसी के बिन रहा जा सकता है।

दूरियों के गम हो।

बिन सनम के जिंदगी हो।

तब! कैसे तन्हा प्यार किया जा सकता है।

यादें किसी के प्रति उड़कर

किसी के ख्वाबों तक जाती हो।

तब! कैसे पल- पल दिन गुजारा जा सकता है।

मिलन अधूरी हो।

प्यार में दूरी हो।

फिर भी मिलना जरूरी हो।

तब! कैसे बैठकर इंतजार किया जा सकता है।

लबों पर प्यार बरसता हो,

किसी के लिए।

रात को नींद करवटें बदलती हो,

किसी के लिए।

तब! कैसे किसी के बिन नींद पर सोया जा सकता है।

हृदय में कम्पन हो,

किसी को पाने के लिए।

ओठ सूख गया हो,

बाते करने के लिए।

तब! कैसे खुशी- खुशी किसी के प्रति नगमा गया जा सकता है।

आंखे राहें देखती हो।

दिल किसी पर मरता हो।

बस उनको पाने के लिए,

बार- बार आंहे भरता हो।

तब! कैसे दिल पर हथेली रखा जा सकता है ।।





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