STORYMIRROR

Manoj Kumar

Romance Thriller

4  

Manoj Kumar

Romance Thriller

जैसे कोई प्यार करता है

जैसे कोई प्यार करता है

1 min
400

इक ख्वाहिश है मेरी

कि तू मेरे ही रहें...

जलती है जो रातें 

चलके जो मुझसे कहे...x२


हल्का- हल्का सुरूर है

मुझे ऐसे ही लगता है...

जैसे कोई प्यार करता है

जैसे कोई मुझपे मरता है x२


कितने दर्द उठे दिल में

देखलो तू दिल में आके...

नींद भी है जो पतंग ...

जागलो मुश्किल में होके...x२


छा रही है मुझे बेखुदी..

जो दिल मुझको संभालता है..

जैसे कोई प्यार करता है

जैसे कोई मुझपे मरता है x२


ये भी तेरा ही करम है

जो बातों में आते है..

रहता है तेरा खयाल

कहने से जो शरमाते है..x२


तू ही सबकुछ है मेरा

जो दिल ये कुछ कहता है..

जैसे कोई प्यार करता है

जैसे कोई मुझपे मरता है x२


इक ख्वाहिश है मेरी

कि तू मेरे ही रहें...

जलती है जो रातें 

चलके जो मुझसे कहे...x२


हल्का- हल्का सुरूर है

मुझे ऐसे ही लगता है...

जैसे कोई प्यार करता है

जैसे कोई मुझपे मरता है.....


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance