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Manju Saini

Tragedy

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Manju Saini

Tragedy

जाना ही था

जाना ही था

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जाना ही था तुम्हे तो…

  आने से पहले ही आभास भी था

बस मेरी इक ख्वाहिश थी

   जो हुई पूरी तुम रह गए मुझमे

हाथों की लकीरे तो देखी 

   उनमे तुम थे ही नही किस्मत में

जाना ही था तुम्हे तो...

रखा है सहेज यादो को दिल मे

    तुम नही तो यादो का बवंडर संग हैं

संग चलेगा तेरी यादों का कहर

    चली जाऊँ चाहे किसी भी शहर

तू रहेगा साथ मेरे यादो में बन लहर।


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