Manju Saini
Inspirational
कुछ यूँ वक़्त गुजार गया कोई
झूठी मोहब्बत,साथ के वायदे कसमें
मेरी किस्मत का खोट बता गया कोई
इधर मैं देखो प्रेम के फ़लसफ़े गाती रही।
शीर्षक:मातृदि...
:उद्वेग
कुछ यूँ
परहन
आज भी
:आत्मचिंतन जर...
चंदा मामा
:मेरा भारत मह...
मिज़ाज
प्रतीक्षा की ...
जिस घर मात-पिता खुश रहते,उस घर ईश्वर आते हैं। जिस घर मात-पिता खुश रहते,उस घर ईश्वर आते हैं।
दीपक और उजाला एक दूसरे का पर्याय अँधेरा और जीवन होता है जिंदगी का व्यय दीपक और उजाला एक दूसरे का पर्याय अँधेरा और जीवन होता है जिंदगी का व्यय
पूरे जानकार और सरल रहें हम मगर किसी के बहकावे में न आएं। पूरे जानकार और सरल रहें हम मगर किसी के बहकावे में न आएं।
चेहरे की झुर्रियों में छिपा, जिंदगी का सार है, मेरी दादी के पास हर प्रश्न का ज़वाब है! चेहरे की झुर्रियों में छिपा, जिंदगी का सार है, मेरी दादी के पास हर प्रश्न का ...
ये सारे हिमखंड पिघल कर बरबस हमें डुबाएंगे, डरता हूँ,हम ना संभले तो कल को क्या समझायेंगे ये सारे हिमखंड पिघल कर बरबस हमें डुबाएंगे, डरता हूँ,हम ना संभले तो कल को क्या स...
कुछ पल बैठिए उनके पास जिनकी नहीं सुनता है कोई भी, कोई बात ! कुछ पल बैठिए उनके पास जिनकी नहीं सुनता है कोई भी, कोई बात !
'रिवायत ए जिंदगी' भी बड़ी अजीब होती है, अनकहे-अनचाहे से बंधनों में बांध जाती है। 'रिवायत ए जिंदगी' भी बड़ी अजीब होती है, अनकहे-अनचाहे से बंधनों में बांध जाती...
ज़ाहिर है ये साल ज़िम्मेदार बना गया है मुझे, उम्मीद है कि मैं ईमानदारी से निभा सकूं। ज़ाहिर है ये साल ज़िम्मेदार बना गया है मुझे, उम्मीद है कि मैं ईमानदारी से निभ...
गर्व के साथ स्वीकार करती हूँ उनकी भी उपलब्धियों को, पर ये तो न कहो,तुम करती ही क्या हो गर्व के साथ स्वीकार करती हूँ उनकी भी उपलब्धियों को, पर ये तो न कहो,तुम करती ह...
बस एक ही तमन्ना है दिल की हर कोई सदा सुखी रहे।। बस एक ही तमन्ना है दिल की हर कोई सदा सुखी रहे।।
अनंत में मिल फिर शून्य में खो जाना है। एक नदी की तरह नारी का भी परिचय बन रहे जाना है। अनंत में मिल फिर शून्य में खो जाना है। एक नदी की तरह नारी का भी परिचय बन रहे ...
रिहा खुद को किया आज मैंने उन कुरीतिओं से...जो करती थीं घात। रिहा खुद को किया आज मैंने उन कुरीतिओं से...जो करती थीं घात।
दो दिन का यह जीवन है क्यों लड़ना क्यों झगड़ना ? दो दिन का यह जीवन है क्यों लड़ना क्यों झगड़ना ?
इसलिए पहले तन-मन के कचरे को पोंछ दो फिर प्रदूषण पर रोक करो! इसलिए पहले तन-मन के कचरे को पोंछ दो फिर प्रदूषण पर रोक करो!
सब ने मिलकर उसको... बेटी से बहू बनाया.. सब ने मिलकर उसको... बेटी से बहू बनाया..
या चिंतन मनन सिखा गया और जगा गया गहरी नींद से हमें! या चिंतन मनन सिखा गया और जगा गया गहरी नींद से हमें!
लड़ते-लड़ते गिर भी जाऊँ, तिरंगा कभी न झुकने दूँगा। लड़ते-लड़ते गिर भी जाऊँ, तिरंगा कभी न झुकने दूँगा।
खुद की ख़ुदी का मान रख मस्ती-बरात सदा साथ रख। खुद की ख़ुदी का मान रख मस्ती-बरात सदा साथ रख।
कोई किसी को शरण में लेकर चीरहरण न कर जाये और पुत्र कोई माँ की ममता को कभी न छलनी कर पा कोई किसी को शरण में लेकर चीरहरण न कर जाये और पुत्र कोई माँ की ममता को कभी न छ...
लेकिन फिर भी आस लगी है, भटके को तुम राह दिखलाते। लेकिन फिर भी आस लगी है, भटके को तुम राह दिखलाते।