STORYMIRROR

Sajida Akram

Classics

3  

Sajida Akram

Classics

"जाग उठा संसार "6 बीती रात कमल

"जाग उठा संसार "6 बीती रात कमल

1 min
466

गुड़िया रानी, गुड़िया रानी 

उठ भी जाओ, उठ भी जाओ, 


सूरज ने दी है, चारों दिशाओं, 

को सुनहरी किरणों की सौगात


बीती रात कमल दल फूलें

झरनों, तालाबों में भी, 


लहरों में है उठखेलियां करते, 

बीती रात कमल दल फूलें, 


भंवरों की गुंजन से, 

सूरज की किरणों से, 

जाग उठा सारा संसार।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics