STORYMIRROR

Gagandeep Singh Bharara

Abstract Romance Fantasy

3  

Gagandeep Singh Bharara

Abstract Romance Fantasy

इत्र की खुशबू

इत्र की खुशबू

1 min
341

तेरे इत्र की खुशबू ने,

मेरा संसार ऐसा महका दिया,


कुछ कमी थी जीने में,

तूने उसको भुला दिया,


रह–रह कर बस तुझे सोचता हूं,

तुमने खूब गुलफाम सजा दिया,


हँसी तेरी में, यूं खोया रहता हूं,

मुस्कुराहट का तुमने सबब दिला दिया,


पास ना हो तुम, तब भी खुश रहता हूं,

यादों का तुमने ऐसा हसीन ख्वाब सजा दिया।


ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರೇಟ್ ಮಾಡಿ
ಲಾಗ್ ಇನ್ ಮಾಡಿ

Similar hindi poem from Abstract