STORYMIRROR

Saroj Prajapati

Romance

3  

Saroj Prajapati

Romance

इश्क

इश्क

1 min
243

तेरे इश्क के लाल रंग में

डूबी हूं मैं इस कदर


जहां जहां तक जाती है नजरें,

आता है बस तू ही नज़र।


तू चाहे या ठुकराए

ये मलाल नहीं मुझको।


इश्क में भी हो सौदेबाजी

ऐसा प्यार मंजूर नहीं मुझको।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance