राह निहारे नैन
राह निहारे नैन
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हौंसलो के पंखों से
ऊंची तुम परवाज भरो
आंखों में हैं जो सपने
जाओ उन्हें साकार करो!
हां, इन सपनों के आगे
इस नन्हे से घोंसले को
तुम कभी ना बिसराना
सांझ ढले इस जीवन की
लौट नीड़ पर तुम आना
राह तकते इन बूढ़े नैनों को
अंत समय में एक झलक
तुम अपनी दिखला जाना।
