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Rahulkumar Chaudhary

Romance Tragedy Classics

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Rahulkumar Chaudhary

Romance Tragedy Classics

इश्क की दीवानी

इश्क की दीवानी

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क्या मिलेगा दर्द को पालकर 

रूह छलनी हो जाएगी 

घाव नासूर बन जाएँगे 

एक रोज़ तुझे छोड़कर 

सारे अपने तुझसे दूर चले जाएँगे 


यहाँ दर्द के लिए हमदर्दी तो है

यहाँ दर्द के लिए मरहम नहीं 

तेरी मुस्कुराहटों पर मरते तो हैं

लेकिन तेरे साथ मरने वाले नहीं 


तुझे चाहेंगे चाहने के वादे करेंगे 

तेरा हाथ थामेंगे निभाने के इरादे करेंगे 

फ़ना हो जाएँगे तेरी राहों में बेशक़ 

फ़िर गुमराह करने के बाद 

तुझे ज़िंदा ही मार देने के साजि़श करेंगे।


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